सूतजी कहते हैं - शौनक ! जो श्रवण , कीर्तन और मनन - इन तीनों साधनोंके अनुष्ठानमें समर्थ न हो , वह…
सूतजी कहते हैं - शौनक ! जो श्रवण , कीर्तन और मनन - इन तीनों साधनोंके अनुष्ठानमें समर्थ न हो , वह…
ब्रह्माजी कहते हैं - नारद ! कन्यादान करके दक्षने भगवान् शंकरको नाना प्रकारकी वस्तुएँ दहेजमें दीं…
ऋषियोंने कहा - प्रभो ! अग्नियज्ञ , देव यज्ञ , ब्रह्मयज्ञ , गुरुपूजा तथा ब्रह्मतृप्तिका हमारे समक…
शिव पुराण के अनुसार न्यायतः धनके उपार्जनकी विधि। ब्राह्मणको चाहिये कि वह सदा सावधान रहकर विशुद्ध…
शिव पुराण के अनुसार ' अग्निरिति ० ' मन्त्रसे भस्म लेकर उसके द्वारा त्रिपुण्ड्र लगाये …
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